नव वर्ष अभिनंदन

 


नेह पुष्प से सजी डाल पर कोकिल स्वर करे गुंजार ,

आपके जीवन के मधुवन में बहती रहे वसंत बयार ।

भूल विगत के दंश सभी मधुर पलों को करें स्वीकार,

नूतन वर्ष में फिर से गूंजे सद्कर्मों की जय - जयकार ।

कवि - राजू रंजन

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